
गुवाहाटी, 2 फरवरी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए एक नई कल्याणकारी योजना की घोषणा की है। इसके तहत, कर्मचारी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अग्रिम वेतन प्राप्त कर सकेंगे।
यह घोषणा दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन में स्वागत सतीर्थ पोर्टल 2.0 के शुभारंभ के दौरान की गई। यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों में कर्मचारियों के तबादले की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है।
नई व्यवस्था के अनुसार, राज्य सरकार के कर्मचारी अग्रिम वेतन ले सकेंगे। यह राशि एकमुश्त या अधिकतम एक वर्ष की अवधि में किस्तों में चुकाई जा सकेगी। इस सुविधा का लाभ उठाने वाले कर्मचारियों को संबंधित बैंक को मामूली ब्याज देना होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जो कर्मचारी अपना नियमित मासिक वेतन मिलने के तुरंत बाद अग्रिम राशि लौटाएंगे, उन्हें कम ब्याज देना होगा। वहीं, जो किश्तों में भुगतान करेंगे, उनसे थोड़ा अधिक ब्याज लिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य आपात स्थिति में कर्मचारियों को समय पर आर्थिक सहायता प्रदान करना और उन्हें निजी साहूकारों या अधिक ब्याज वाले ऋणों से बचाना है।
मुख्यमंत्री ने स्वागत सतीर्थ ट्रांसफर पोर्टल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पोर्टल एक वित्तीय वर्ष में दो बार खोला जाएगा, ताकि पारदर्शी और कर्मचारी-हितैषी तबादले किए जा सकें। उन्होंने बताया कि तबादलों का एक और चरण 31 मार्च से पहले पूरा किया जाएगा।
उन्होंने पात्रता को स्पष्ट करते हुए कहा कि पहले चरण में इस पोर्टल का लाभ ले चुके लगभग 9,000 कर्मचारी दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे। हालांकि, जो कर्मचारी पहले इस सुविधा का लाभ नहीं ले पाए थे, वे अब अपनी पसंदीदा जगह पर तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पोर्टल का पिछला संस्करण 1 जनवरी 2025 से 7 जून 2025 तक सक्रिय रहा था और सरकार का लक्ष्य इस बार की तबादला प्रक्रिया को 7 मार्च तक पूरा करना है।
उन्होंने कहा कि चूंकि यह तबादला प्रक्रिया प्रशासनिक है और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है, इसलिए इसकी जानकारी चुनाव आयोग को भी दी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों से आग्रह किया गया है कि वे 15 दिनों के भीतर आवेदन करें, ताकि प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहलें कर्मचारी कल्याण, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के प्रति राज्य सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।